April 2017 - UPSC Academy - Competitive Exams Hindi Notes

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Thursday, 6 April 2017

भारत की जनगणना - २०११

14:55
विश्व जनगणना में भारत का स्थान
विश्व कि जनसंख्या में १७.५% हिस्सा भारत का है। लेकिन विश्व की सतह का केवल २.५% हिस्सा ही भारत में है। 

संयुक्त राष्ट्र के आकलन के अनुसार विश्व की आबादी में २०००-२०१० के दौरान १.२३% के वार्षिक दर से वृद्धि हुई है।  इस अवधी में चीन के आबादी की वृद्धि ०.५३% थी। जबकि २००१-२०११ के दौरान भारत में जनसँख्या की वृद्धि दर १.६४% की रही है। 


वर्ष २०३० तक भारत में विश्व की आबादी के कुल १७.९% आबादी रहेगी।  इस समय भारत चीन से भी आगे निकल जाएगा। 



भारत की जनगणना
जनगणना २०११ में २९ राज्य, ६ संघशासित प्रदेश, ६४० जिले, ५९२४ उपजिले, ७९५३ शहर और ६४०८६७ गाँव शामिल है। जनगणना २००१ में ५९३ जिले, ५४६३ उपजिले, ५१६१ शहर और ६३८५८८ गाँव शामिल थे।इस प्रकार २००१ की तुलना में ४७ जिलो, ४६१ उपजिला, २७७४ शहर तथा २२७९ गांवों की वृद्धि २०११ की जनगणना में हुई थी। 

उत्तर प्रदेश (७१), मध्य प्रदेश (५०), बिहार (३८), महाराष्ट्र (३५), राजस्थान (३३) इन पाँच राज्यों में २०११ की जनगणना में सबसे ज्यादा जिले थे। 

गोवा (२), त्रिपुरा (४), सिक्किम (४), मेघालय (७), मिजोरम (८) इन पाँच राज्यों में २०११ की जनगणना में सबसे कम जिले थे। 


ग्रामीण और शहरी क्षेत्रोमें भारतीय आबादी की वृद्धि दर क्रमशः १२.१८% तथा ३१.८०% थी। 

जनगणना २०११ अनुसार भारत की आबादी १२१ करोड़ थी।  इसमें ग्रामीण आबादी ८३ करोड़ और शहरी आबादी ३७ करोड़ है। पिछले दशके में  ग्रामीण आबादी में ९.०४ करोड़ की और शहरी आबादी में ९.१ करोड़ की वृद्धि हुई है। 



जनगणना में राज्यों के स्थान
आबादी के दृष्टी से उत्तर प्रदेश (१९९५८१४७७), महाराष्ट्र (११२३७२९७२), बिहार (१०३८०४६३७), पश्चिम बंगाल (९१३४७७३६), आंध्र प्रदेश (८४६६५५३३) इन राज्यो में सबसे अधिक आबादी है। 

लक्षद्वीप (६४४२९), दमन व् दिव (२४२९११), दादरा व् नगर हवेली (३४२८५३), अंदमान व् निकोबार (३७९९४४), सिक्किम (६०७६८८) इन राज्यों में सबसे कम आबादी है। 

देश में ठाणे (महाराष्ट्र) और नार्थ २४ परगना (पश्चिम बंगाल) इन जिलो में सबसे ज्यादा आबादी है।  ठाणे में कुल ११०५४१३१ इतनी आबादी है और नार्थ २४ परगना की कुल आबादी १००८२८५२ है.

देश में दिबांग व्हाली (अरुणाचल प्रदेश) और अंजाब (अरुणाचल प्रदेश) इन जिलो में सबसे कम आबादी है।  दिबांग व्हाली में कुल ७९४८ इतनी आबादी है और अंजाब की कुल आबादी २१०८९ है.

आबादी की वृद्धि दादरा और नगर हवेली (५५.५) और दमन व दीव (५३.५४) इन राज्योंमें सबसे ज्यादा प्रतिशत हुई है। आबादी की वृद्धि नागालैंड (-०.४७) और केरल (४.८६) इन राज्योंमें सबसे कम प्रतिशत हुई है। 

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा १५.५१ करोड़ ग्रामीण आबादी है।  यह देशके कुल ग्रामीण आबादी के १३.४८% है। प्रतिशतता के दृष्टी से हिमाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा ८९.९६ प्रतिशत आबादी ग्रामीण है। 

देश में उत्तर प्रदेश (१५.५१ करोड़ ), बिहार (९.२० करोड़), पश्चिम बंगाल (६.२२ करोड़) इन राज्यों में सबसे ज्यादा ग्रामीण आबादी है।  सिक्किम (४.५ लाख), मिजोरम (५.२ लाख), गोवा (५.५ लाख) इन राज्यों में सबसे कम ग्रामीण आबादी है। 

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा ५.०८ करोड़ शहरी आबादी है।  यह देश के कुल शहरी आबादी के १३.४८% है। प्रतिशतता के दृष्टी से दिल्ली में सबसे ज्यादा ९७.५० प्रतिशत आबादी शहरी है। 

देश में महाराष्ट्र (५.०८ करोड़), उत्तर प्रदेश (४.४ करोड़), तमिलनाडु (३.४ करोड़) इन राज्यों में सबसे ज्यादा शहरी आबादी है।  सिक्किम (१.५ लाख), अरुणाचल प्रदेश (३.१ लाख), मिजोरम (५.६ लाख) इन राज्यों में सबसे काम शहरी आबादी है। 



साक्षरता 
जनगणना के अनुसार भारत में साक्षरों की संख्या ७७.८५ करोड़ है।  इसमें ४९.३० करोड़ शहरी है।

२००१ से २०११ के दशक में २१.७८ करोड़ साक्षरों में वृद्धि हुई है।  

सर्वाधिक साखर लोग उत्तर प्रदेश (८.८४ करोड़) में रहते है। 

सर्वाधिक शहरी साक्षर संख्या महाराष्ट्र (४.०८ करोड़) है। 

भारत में साक्षरता दर ७४.०४% है।  ग्रामीण क्षेत्रो में साक्षरता दर ६८.९१% है।  शहरी क्षेत्रोमें साक्षरता दर ८४.९८% है। 

भारत में पुरुष साक्षरता दर ८२.१४% है तो महिला साक्षरता दर ६५.४६% है। ग्रामीण भारत में पुरुष साक्षरता दर ७८.५७% है तो महिला साक्षरता दर ५८.७५% है। भारत में पुरुष साक्षरता दर ८९.६७% है तो महिला साक्षरता दर ७९.९२% है। 

भारत में केरल (९३.९१%), लक्षद्वीप (९२.२८%), मिजोरम (९१.५८%) इन राज्यो में सबसे ज्यादा साक्षरता दर है।  तो बिहार (६३.८२%), अरुणाचल प्रदेश (६६.९५ %), राजस्थान (६७.०६%) इन राज्यो में सबसे कम साक्षरता दर है। 

भारत में सरछिप(९८.७६%), आइजल (९८.५०%) इन जिलो में सबसे ज्यादा साक्षरता दर है। यह दोनों जिले मिजोरम में है। तो अलीराजपुर (३७.२२%), बीजापुर (४१.५८ %)इन जिलो में सबसे कम साक्षरता दर है। अलीराजपुर मध्यप्रदेश का जिला है। बीजापुर छत्तीसगढ़ का जिला है। 
ग्रामीण क्षेत्र उच्च साक्षरता दर : केरल (९२.९२%)

शहरी क्षेत्र उच्च साक्षरता दर : मिजोरम (९८.१०%)
पुरुष ग्रामीण क्षेत्र उच्च साक्षरता दर : केरल (९५.२९%)
पुरुष शहरी क्षेत्र उच्च साक्षरता दर : मिजोरम (९८.६७%)
महिला ग्रामीण क्षेत्र निम्न साक्षरता दर : राजस्थान (४६.२५%)
महिला शहरी क्षेत्र निम्न साक्षरता दर : जम्मू कश्मीर (७०.१९%)
पुरुष ग्रामीण क्षेत्र निम्न साक्षरता दर :अरुणाचल प्रदेश (६८.७९%)
पुरुष शहरी क्षेत्र निम्न साक्षरता दर : उत्तर प्रदेश  (८१.७५%)

भारत में दिल्ली (११२९७) और चंडीगढ़ (९२५२) इन दो राज्योंमें जनसँख्या सबसे ज्यादा सघनता है।  अरुणाचल प्रदेश (१७) और अंदमान एव निकोबार द्वीपसमूह (४६) में जनसँख्या की सबसे कम सघनता है।

भारत में उत्तर पूर्व दिल्ली (३७३४६) और चेन्नई (२६९०३) इन दो जिलोमें जनसँख्या की सबसे ज्यादा सघनता है।  दिबांग व्हाली (१) और सम्बा (२) इन जिलो में जनसँख्या की सबसे कम सघनता है।



लिंग अनुपात
देश में २००१ में लिंग अनुपात ९३३ था।  २०११ में लिंग अनुपात ९४० हो गया। ग्रामीण क्षेत्रोमें लिंग अनुपात ९४६ से बढ़कर ९४७ हो गया।  शहरी क्षेत्रो में ९०० से बढ़कर ९२६ हो गया।  

केरल में लिंग अनुपात १०८४ है जो भारत में सर्वोच्च है।  केरल का ग्रामीण लिंगानुपात १०७७ तथा शहरो में १०९१ है।  

ग्रामीण क्षेत्रो में चंडीगढ़ (६९१) और शहरी क्षेत्रो में दमन व् दीव (५५०) में न्यूनतम लिंगानुपात है। 

केरल (१०८४) और पुडुचेरी (१०३८) इन दो राज्यों में उच्चतम लिंगानुपात है।  दमन व् दीव (६१८) और दादरा व् नगर हवेली (७७५) इन राज्यो में निम्नतम लिंगानुपात है। 

पुडुचेरी का माहे जिला (११७६) और उत्तराखंड का अल्मोड़ा जिला (११४२) इन दो जिलो में भारत में उच्चतम लिंगानुपात है। दमन व् दीव का दमन जिला (५३३) और जम्मू कश्मीर का लेह लदाख जिला (५८३) इन दो जिलो में भारत में निम्नतम लिंगानुपात है। 

०-६ आयु वर्ष लिंगानुपात को शिशु लिंगानुपात कहा जाता है।  

ग्रामीण क्षेत्रो में दिल्ली (८०९) न्यूनतम और अंदमान निकोबार द्वीपसमूह (९७५) उच्चतम शिशु लिंगानुपात देखा गया है। 

शहरी क्षेत्रो में हरियाणा (८२९) न्यूनतम और नागालैंड (९७९) उच्चतम शिशु लिंगानुपात देखा गया है। 

मिजोरम (९७१) और मेघालय (९७०) इन दो राज्यों में उच्चतम शिशु लिंगानुपात है।  हरियाणा (८३०) और पंजाब (८४६) इन राज्यो में निम्नतम शिशु लिंगानुपात है। 

हिमाचल प्रदेश का जिला लाहुल स्पिति (१०१३) और अरुणाचल प्रदेश का जिला तवांग (१००५) इन दो जिलो में भारत में उच्चतम शिशु लिंगानुपात है। हरियाणा का जिला झज्जर (७७४) और हरियाणा का जिला महेंद्रगढ़ (७७८) इन दो जिलो में भारत में निम्नतम शिशु लिंगानुपात है। 
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Wednesday, 5 April 2017

संविधान मतलब क्या?

14:10
किसी भी लोकतान्त्रिक राज्यतंत्र में शासन प्रबंधन मौलिक कानूनोंद्वारा संचालित होता है, जिसे हम संविधान कहते है। संविधान को सही अर्थोंमें शक्ति की आत्मकथा कहा जा सकता है। 

ब्लैक लॉ शब्दकोष में संविधान को राष्ट्र अथवा राज्य के उन मूल कानूनों के रूप में बताया गया है जो सरकार की संस्थाओं व् व्यवस्थाओं को स्थापित करते है। 

प्रोफ़ेसर स्ट्रांग के अनुसार "संविधान को सिद्धांतो का समुच्चय कहा जा सकता है।  जिसके अनुसार सरकार की शक्ति तथा शासितोंके अधिकार और दोनों के परस्पर सम्बन्ध समायोजित होते हैं। 

संविधान को शक्ति जनता से मिलती है जो वास्तव में सरकारके स्वरुप को विनिर्दिष्ट करता है।  संघ अथवा राज्य को शासित करने के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।  जनता तथा क्षेत्रीय समुदाय से संपर्क बनाये रखने के लिए व्यवस्था प्रदान करता है।  



संविधान के प्रकार
संविधान लिखित तथा अलिखित दोनों प्रकार के होते हैं।  ज्यादातर संविधान लिखित होते हैं। अलिखित संविधान अविकसित एव परिवर्तनशील होते है।  लिखित संविधान किसी विशिष्ट समय पर लिखे संविधान होते है। जो जटिल होते है। 

अलिखित संविधान विकसित होते हैं जो संहिताबद्ध नहीं किये जाते।  इज्राएल, न्युझीलैंड और ब्रिटेन में अलिखित प्रकार के संविधान है।  अलिखित संविधान में, जैसा की  ब्रिटेन में हैं, अनेक चार्टर और संसदीय अधिनियम है जो अपने स्वरूप में लिखित है।  ये अब ब्रिटिश राजनैतिक व्यवस्था का भाग है।  इन्हें समय के साथ लागू किया गया है। 

अलिखित संविधान समय की आवश्यकताद्वारे परिवर्तित किये जा सकते है।  इनमे संशोधन करने का तरीका बहुत ही सरल होता है।  जैसा की साधारण बहुमत से भी संविधान में संशोधन किया जा सकता है।  ऐसे संविधान को परिवर्तनशील संविधान अथवा लचीला संविधान कहा जाता है।

लिखित संविधान विकसित होते हैं और संहिताबद्ध भी किये जाते है।  लिखित संविधान सदैव लिखित नहीं रहते, समय के साथ उनमे रूढ़ियाँ सृजित हो जाती है।  इनका बेहतरीन उदाहरण भारत और अमरीका के संविधान है।  

लिखित संविधान जटिल होते है।  क्योंकि उनमें संशोधन करने का तरीका कठिन होता है।  उनमे संशोधन करने के लिए विशेष बहुमत की जरुरत होती है।  विशेष बहुमत ५५ से ७५ प्रतिशत के करीब हो सकता है।  संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्ज़रलैंड आदि के संविधान जटिल प्रकार के है। 

इन दो प्रकारों के अलावा संविधान का एक और प्रकार भी है। जिसे आंशिक रूप से परिवर्तनशील तथा आंशिक रूप से जटिल कहा जाता है।  ऐसे संविधानो में कुछ संशोधन साधारण बहुमत से तो कुछ संशोधनों के लिए विशेष प्रकार के बहुमत की आवश्यकता होती है। भारत का संविधान इस प्रकार के संविधान का उदाहरण है। 



संविधान का रूप
संविधान का रूप संघीय , परिसंघीय तथा एकात्मक स्वरूप का हो सकता है।  

परिसंघीय रूप में, कुछ संप्रभुता संपन्न देश अपनी संप्रभुता बनाये रखते हुए कुछ मामलो में अपने से ऊपर एक व्यवस्था निर्माण करते है। यूरोपियन यूनियन इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। 

संघीय रूप में, कुछ छोटी इकाइयां अपनी संप्रभुता छोड़ देती है।  उनसे बड़ी एक व्यवस्था के हातो संप्रभुता बहाल की जाती है।  परंतु अपने अलग अस्तित्व को समाप्त नहीं होने देते।  संयुक्त राज्य अमेरिका, स्विट्ज़रलैंड, ऑस्ट्रेलिया आदि संघीय रूप के उदाहरण है। 

एकात्मिक रूप में, देश में शक्तियों का विभाजन नहीं होता।  पुरे देश में एक ही सरकार का शासन चलता है।  प्रशासकीय दृष्टिकोण से कुछ स्थानीय व्यवस्थाएं होती है।  परंतु अंतिम अधिकार केंद्र के पास होते है।  यूनाइटेड किंगडम, सिंगापूर, फ़्रांस, इटली, इजरायल इस प्रकार के संविधान के उदहारण है। 

अपवाद स्वरुप में, ऐसा भी हो सकता है की, किसि देश का स्वरूप संघात्मक हो और शासन का स्वरुप एकात्मक हो।  इसका मतलब केन्द्रिय (संघीय) सरकार प्रान्तीय सरकारों की अपेक्षामें अधिक शक्तिशाली हो।  भारत इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। 



शासन के प्रकार
शासन संसदात्मक भी हो सकता है और अध्यक्षात्मक भी हो सकता है।  इसके अलावा अर्ध-संसदात्मक और अर्ध-अध्यक्षात्मक भी हो सकता है।  

संसदात्मक शासन में विधानपालिका और कार्यपालिका एक दूसरे से जुड़े हुए होते है।  ब्रिटेन और भारत इसके उदाहरण है। 

अध्यक्षात्मक शासन में विधानपालिका और कार्यपालिका एक दूसरे से अलग होते है।  संयुक्त राज्य अमेरिका, इंडोनेशिया, मेक्सिको, दक्षिण कोरिया, फिनलैंड, श्रीलंका यह इसके उदहारण है। 
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